प्रेम एक अनसुलझा रहस्य
प्रेम एक अनसुलझा रहस्य
प्रेम
कैसा
होता
है
शरीर
के
भीतर
होता
है
या
बाहर
अगर
शरीर
के
भीतर
होता
है
तो
किस
अंग
में
कुंडली
मारकर
बैठा
रहता
है
या
फिर
शरीर
के
भीतर
हीं
इस
अंग
से
उस
अंग
में
विचरते
रहता
है
अनवरत
या
बाहर
हवा
में
दिल
और
दिमाग
के
इर्दगिर्द
घूमते
रहता
है
या
फिर
प्रेम
आत्मा
सा
होता
है
जो
नंगी
आंखो
से
दिख
नहीं
सकता
लेकिन
शाश्वता
को
प्रमाणित
नहीं
करनी
पड़ती
क्या
सार्वभौमिक
सत्य
होता
है
प्रेम
और
आत्मा।
