STORYMIRROR

Rudraksh Choubisa

Inspirational

4  

Rudraksh Choubisa

Inspirational

पिता

पिता

1 min
278

आज जरा बात मेरे भगवान की करते हैं  

उनके लिए दो लफ्ज़ो का आव्हान करते हैं

ओर कोई ना वो बापू हैं मेरे 

आओ कविता को उनपे महेरबान करते हैं


मेरे हर सुख में हाथ तेरा है  

मेरे हर दुःख में साथ तेरा है 

अगर जो तेरा आशीष है ना मेरे सिर पे बापू 

तो फूटी झोपड़ी में भी मेरे जन्नत सा बसेरा है


कांधे पे बैठा मुझे सारे खेत घुमाया करता था 

मुझे अपने आँखों की पलकों पे बैठाया करता था

खुद के सपने चाहे लाखों या हज़ार हो 

पर मेरे लिए तू उन्हें भी दफ़नाया करता था


मेरे कहने से पहले वो चीज़ मेरे पास आई है

तेरे होते हुए मुसीबत मुझे छू तक ना पाई है  

क्या ही बात करूं मैं तेरी बापू 

तुझमें तो दिखती मुझे भगवान की परछाई है


माँ की बात तो सब करते हैं , तेरा दर्द कौन बताएगा 

रिश्ते तो सभी निभाते हैं , पर तुझसा कौन निभाएगा 

मेरे लिए तुझे अपने ख़्वाब दफनाते देखा है

एक बात बोलूं बापू , भला ये बात मुझे कौन बताएगा!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Rudraksh Choubisa

पिता

पिता

1 min पढ़ें

माँ

माँ

2 mins पढ़ें

Similar hindi poem from Inspirational