STORYMIRROR

Tushar Bhutkar

Classics Inspirational

4  

Tushar Bhutkar

Classics Inspirational

नई कहानी...

नई कहानी...

1 min
151

दिन बदल रहा हैं

खुद की पहचान बनकर

शाम हो रही

नई कवितायें सोचकर।


आदते छूटती नहीं

सब की रचनाएँ पढ़कर

दिल मानता नही

जब तक कुछ लिखकर।


अनजान इस राहों में

खुद की पहचान बनाऊंगा

युही मचलती इन हवा को

तेरे याद का गीत बनाऊंगा।


जीवन के इस रंग में

हँसती हुई जिंदगी में

सुख की महफ़िल सजाऊ

मेरा गीत सबको सुनाऊ।


दोस्तों के सहारे

जिंदगी के पल गुज़रेंगे

प्यार के बंधन से

नई कहानी लिखेंगे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Tushar Bhutkar

Similar hindi poem from Classics