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MAYA Ahir

Abstract

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MAYA Ahir

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नारी

नारी

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नारी के शक्ति के स्वरूप को क्या तुमने निहारा है

त्याग की मूर्ति आग की मिसाइल ये नारी ही है 


जरा गौर करो इतिहास की ओर कि, नारी कितनी नीडर थी

स्वदेश के लिए जो लड़ी  वो झांसी वाली रानी थी


बिना नारी के घर को हम मकान से पहचानते हैं

जब हो नारी का अस्तित्व तब ही मकान घर बनता है


चाहे लाख आफत आए पर नारी कभी भी हारी नहीं

सम्मान की हकदार है हर नारी का आदर करो।


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