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manisha vaishnav

Inspirational

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manisha vaishnav

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नादान परिंदे

नादान परिंदे

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नादान परिंदे उड़ने की ख्वाहिश लिए 

पिंजरे में कैद है ।

चाहत है आसमां में उड़ने कि,

पर पिंजरे में कैद है।

कभी तो आसमान में उड़ पाएंगे 

ये ख्वाहिश लिए 

पिंजरे मैं कैद है।

सपने सच होते है ये खयाल लिए 

पिंजरे मैं कैद है।

कुछ गुनाह किए है ये खयाल लिए 

पिंजरे मैं कैद है।

विश्वास है कि एक दिन ये खुला आसमान देख पाएंगे 

पर पिंजरे मैं कैद है।

पर जब देखा ये खुला आसमान तो लगा ये दुनिया इतनी खूबसूरत भी है 

क्योंकि दुनिया पिंजरे में कैद थी।



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