बहन
बहन
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लड़ती है वो झगड़ती है,
गुस्से मैं डांट लगाती है,
मेरे लिए दुनिया से लड़ जाती है
खरोच मुझे जो एक आ जाए
घर सर पर उठा देती है
कभी खाना नही खाने देती,
जो उदास दिखू हाथो से वो खिलाती है
कभी दुश्मन कभी दोस्त बन जाती
चहरे पे मुस्कुराहट लाती है
कभी चिढ़ती कभी चिढ़ाती
चोटी बहन हमारी है
दुनियां से न्यारी न्यारी
नटखट चुलबुली
घर की लक्ष्मी हमारी
भरे खुशियों से झोली तुम्हारी
बस यही दुआ हमारी
खुश रहे बहन हमारी।।
