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Bijayalaxmi Kar

Abstract

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Bijayalaxmi Kar

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मुस्कान

मुस्कान

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क्या होती है ये मुस्कान ?

जो किसी को हँसा दे,

जो किसी की दु:ख हर ले,

जो किसी को हसना सिखा दे,

ये होती है मुस्कान।


मेरे लिए तो तु केवल

मेरी मुस्कान नहीं

मेरी गर्व है,

मेरी अभिमान है,

तू तो मेरी ज़िंदगी का एहसास है,


जिसके बारे में सोचकर,

मुझे मिलता बड़ा सुकून है,

तू मेरी ज़िंदगी का

एक ऐसी अनमोल चीज़ है,

जिसके बिना मेरी ज़िंदगी तो बेकार है।


तू जभी आती है मेरी मन में,

कुछ करिश्मा कर जाती है,

कि हर कोई बोलता,

वाह ! वाह ! वाह ! बड़ी प्यारी है

तेरी ये मुस्कान।


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