STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Horror Tragedy

4  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Horror Tragedy

मृत्यु

मृत्यु

1 min
380

मृत्यु

अजर हो

अमर हो

जीवन

और

मृत्यु की

लड़ाई में

तूम

हमेशा ही

विजेता

रहे हो


मृत्यु

तुम

समय से भी

परे हो

मृत्यु

तुम्हारी

मृत्यु

क्यों नहीं

होती है


तुम ही

अंत हो

अनंत का भी

अंत हो

मृत्यु

तुम

सबसे

ज्यादा

ताकतवर हो

तुम

सत्य हो

शाश्वत हो

सार्वभौमिक हो

तुम हीं

काल हो

महाकाल हो

तुम्हारा 

अंत

के साथ

गठजोड़ है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract