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Rituraj Rituraj

Abstract

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Rituraj Rituraj

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मन

मन

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कहने को तो लाखों लोग हैं इस शहर में,

फिर भी हर सहर दिल ढूंढता है कोई अपना।


हवा भी वही है, फिजा भी वही है,

फर्क बस इतना है कि कुछ भी नहीं है अपना।


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