STORYMIRROR

Vivek khatri

Abstract

3  

Vivek khatri

Abstract

ममता का आँचल

ममता का आँचल

1 min
207

ये भी क्या वक्त है,जो

वक़्त था वो गुजर गया।

जो गुजर गया,

वो भी क्या वक़्त था।


साया ममता का,

गोद ममता की

प्यार ममता का,

दर्द ममता का जो था,

वो बड़े होते होते

कब सिमट गया।


ये भी क्या वक़्त है,

जो वक़्त था वो गुजर गया।

जो गुजर गया,

वो भी क्या वक़्त था।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract