मेरी ज़िंदगी में पहली किरण
मेरी ज़िंदगी में पहली किरण
मेरी ज़िंदगी में पहली किरण
लेखक: संजय यादव
मेरी ज़िंदगी में पहली किरण बनकर,
आप आईं एक नई सुबह की तरह।
निराशा के अँधेरों को दूर कर,
उम्मीद का दीप जला गईं।
जब जीवन की राह कठिन लगी,
आपने विश्वास का हाथ थाम लिया।
हर कठिन मोड़ पर मुस्कुराकर,
आगे बढ़ना सिखा दिया।
आपके शब्दों में प्रेरणा है,
आपकी मुस्कान में विश्वास।
आपकी शिक्षा ने मेरे जीवन को,
दिया एक नया प्रकाश।
आप केवल एक शिक्षिका नहीं,
बल्कि आशा की पहली किरण हैं।
जो हर विद्यार्थी के जीवन में,
सपनों का नया सवेरा लाती हैं।
ईश्वर से मेरी यही प्रार्थना है,
आपका जीवन सदा उज्ज्वल रहे।
जिस प्रकार आपने अनेक जीवनों को प्रकाश दिया,
वैसे ही आपका जीवन भी
सदैव खुशियों और सफलता से भरा रहे।
