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Bhushan Kumar

Inspirational Others

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Bhushan Kumar

Inspirational Others

मैं सादा होना चाहता हूं

मैं सादा होना चाहता हूं

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मैं सादा होना चाहता हूं

मुझ पे उकेरी ये लकीरें,

मुझे अच्छी नहीं लगती,

मैं इसे धोना चाहता हूं,

मैं सादा होना चाहता हूं,

भले ये अच्छे दिखते हों,

भले ये रंगीन और मोहक हो,

पर मैं इन्हें खोना चाहता हूं

मैं सादा होना चाहता हूं,

ये मैंने नहीं बनाई,

बस बनने दिया जो जहाँ जैसे,

खुद पर सनने दिया मैं

अपने किए पर रोना चाहता हूं

मैं बस सादा होना चाहता हूं।


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