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Deendayal Mittal

Abstract

4  

Deendayal Mittal

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मैं एक नारी हूं

मैं एक नारी हूं

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मैं एक नारी हूं

याद में तेरी जहां को भूलती जाती हूं मैं

भूलने वाले कभी तूझको भी याद आती हूं मैं


मैं एक नारी हूं

मैं एक नारी हूं रूठी किस्मत की मारी

मतलबी झूठे संसार से परेशान

दील जलता आंखे रोती कैसी झूठी उम्मीद बांधना

कमजोर लाचार ऐसी पागल ना समझना 


मुझसे उलझकर जींदगी से रूठ ना जाना

खूद जीना ओरो को भी जीने देना प्यार से गले लगाना

सहारा प्यार का बनकर आँखे बीछाना 

मैं एक नारी हूं


दील मे प्यार के दीपक जलाकर प्रकाशमान हो जाना

आंखे मीलाकर दुनीया सवारकर दील मे बसाना

शाम सूहानी दीवानी मस्तानी हो जाना

जींदगी की गाड़ी चलाने को दीलदार समझना


मुझको सहारा मानकर नाराज ना होना

धोखा मुझको दिया तो दुनिया से

आँखें मिलाना मुश्किल हो जाना 

मैं एक नारी हूं


मुझको प्यार मे धोखा नहीं मिलेगा मेरा विश्वास करना

प्यार की राहों पर चलाकर मंजिल तक पहुंचाना

आँखों में बसाकर दुनिया में चमकाना


दिल से लगाकर आँखों में छूपाना

तूमको साथी समझा प्यारा हमराज बनाना

शुक्रिया मेरे प्यार का मुझको काबिल समझना

मैं एक नारी हूं।


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