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Gaurang Agarwal

Abstract

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Gaurang Agarwal

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मातृभाषा हिंदी

मातृभाषा हिंदी

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जन जन की भाषा है हिंदी 

भारत की आशा है हिंदी 

जिसने पूरे देश को जोड़ रखा है 

वह मजबूत धागा है हिंदी 

जिसने गुलामी के वक्त


आजादी की आग जलाई 

ऐसे वीरों की प्रसूता है हिंदी 

जिसके बिना हिंद थम जाए 

ऐसी जीवन रेखा है हिंदी 


जिसने काल को जीत लिया 

ऐसी कालजई भाषा है हिंदी 

सरल शब्दों में कहा जाए

तो जीवन की परिभाषा है हिंदी 

बढ़ते रहे सदा आगे


हिंदी जन मन की गंगा है 

यह माध्यम उस स्वाधीन देश का

जिसका ध्वज तिरंगा है।


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