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Prateek Rohatgi

Abstract

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Prateek Rohatgi

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हिंदुत्व

हिंदुत्व

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ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।

सर्वे सन्तु निरामयाः।

सर्वे भद्राणि पश्यन्तु।

मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥


सभी सुखी रहें, सभी रोगमुक्त रहें,

सभी का जीवन मंगलमय बनें

और कोई भी दुःख का भागी न बने।

हे भगवन हमें ऐसा वर दो!


धर्म की रक्षा के लिए भारत माँ मुझे चुनें

ये मेरी प्रार्थना है इसे स्वीकार करें।

किसी के शोर से भारत का वंदन रुक नहीं सकता

ये मेरा है भारत कभी झुक नहीं सकता

इसने मुझे शीश उठाकर जीने का अवसर दिया 

मैं इतना निर्लज्ज नहीं कि मैं धन्यवाद अदा नहीं कर सकता।

मैं हिन्दू हूँ, हिंदुत्व की ही बात करूँगा।


कड़ कड़ कड़ कड़ बिजली कड़के

धड़ धड़ धड़ धड़ दिल धड़के

हिन्दू की आवाज़ गूंजे

ब्रह्माण्ड का कड़ कड़ डोले।


सूरज भगवा ओढ़कर आए

सूरज भगवा ओढ़कर जाए

पूरे दिन भगवा छाए

भगवा भगवा लहराता जाए।


डम डम डम डम डमरु बजे

तल तल तल तल ताली बजे

हिन्दू के कानो तक जाए

सोते हुए को जगा जाए


तीरण से तीरण कटे 

भालों से भाले बजे

तलवारों से तलवारें टकराए

धर्म की रक्षा के लिए सब तैयार आए।


भर भर भर भर भारत गूंजे

थड़ थड़ थड़ थड़ शत्रु कांपे

भागने को सब तरस जाए

भगवा ही भगवा गाए।


बुल बुल बुल बुल मेरा खून उबले

प्रचंड प्रहार को तरस जाए

भभक रहा है मेरा क्रोध अपार 

अब सहने को नहीं है तैयार

शस्त्र को रखूॅं तैयार हज़ार

धर्म युद्ध के लिए मैं तैयार

पूर्व से लेकर पश्चिम तक 

उत्तर से लेकर दक्षिण तक

हिंदुत्व की ललकार तैयार

शंखनाद भी है तैयार।


शत्रु चाहे हो हज़ार

अपने शीश पर माँ का हाथ

जागने का है समय पास

धर्म युद्ध का भी समय पास

अस्त्र शस्त्र रखो तैयार

प्रण लेलो अब तो यार

हिंदुत्व के हाथों में हाथ

राष्ट्र होगा हिन्दू के हाथ।


भारत का वंदन होगा अपार

शत्रु के सीने पर प्रचंड प्रहार

इस कोने से उस कोने तक 

भारत में होगी जय जय अपार

भारत में होगा हिन्दू राज प्रचार

जय हिंद और वन्दे मातरम की गूँज अपार

फिर से होगा हिन्दू एक प्रकार

जागेगा हिन्दू लड़ेगा हिन्दू

सारा सारा श्रेय है हिन्दू

जय हो हिंदुस्तान, जय हो हिन्दू

पूरा पूरा बल है हिन्दू

पूरा पूरा कल है हिन्दू

पूरा राष्ट्र है हिन्दू

सम्पूर्ण हिंदुस्तान है हिन्दू।


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