STORYMIRROR

Dharm Kaushik

Inspirational

4  

Dharm Kaushik

Inspirational

माँ

माँ

1 min
139

माँ एक शब्द नही एहसास है

ये हमारे जीवन की आस है

माँ चोटी का विश्वास है


माँ भगवान् के लिए भी खास है

माँ ममता की मूर्त है

माँ भगवान् की ही सूरत है

माँ के लिए सब समान है


माँ की बच्चों में बस्ती जान है

माँ हम को संस्कार सिखाती है

माँ अच्छा नागरिक बनाती है

माँ त्याग की मूर्त है

माँ हर बच्चे की जरूरत है


बच्चों का भरकर पेट

माँ खुद भूखी सो जाती है

हम को सुला के सूखे में

माँ खुद गीले में सोती हैं


क्या बताऊँ दोस्तों

माँ ऐसी ही होती है

माँ ऐसी ही होती है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Dharm Kaushik

Similar hindi poem from Inspirational