माँ तुम सालों से वही हो।
माँ तुम सालों से वही हो।
बाकी दुनिया सी नहीं हो मां तुम सालों से वही हो।
बदला मैं भी हूँ हदों तक, बदला सारा ही ज़माना..
देखता हूं तुमको जब भी तुम तो पहले जैसी ही हो
बाकी दुनिया सी नहीं हो मां .......
हाथ थामा औरों ने भी छोड़ा, किया बहाना,
मेरे गम के हर एक तम में, तुम उजालों-सी रही हो,
बाकी दुनिया सी नहीं हो, मां तुम.......
नैन नीर जब हुए कभी भूली नहीं हंसाना,
लगा सूखने कभी तो, तुम दरिया सी बही हो,
बाकी दुनिया सी नहीं हो, मां तुम......
पहुंचे कभी फलक पर या हुआ खाक में
मिल जाना
हर कदम-हर जगह मेरे साए सी गई हो,
बाकी दुनिया सी नहीं हो, मां तुम........
माँ का बखान ये प्रयागी क्या ही करेगा,
माँ है तो हम हैं और देवी युगों से तुम ही रही हो,
बाकी दुनिया सी नही हो, माँ तुम सालों से वही हो ।
