STORYMIRROR

borge maneesha

Inspirational

3  

borge maneesha

Inspirational

मां की ममता

मां की ममता

1 min
274


जो अमृत मिलने पर पीकर अमर रहे।

अमर रहे वो परमात्मा है।

जो रखे अमृत अपने बच्चे के लिए बचा कर,

वो अमर माँ की ममता है।


मेरे बीमार पड़ने पर मेरी दवा मेरी माँ है।

मेरे बिखर जाने पर मुझे संवारने वाली मेरी माँ है।

मेरे खुशियों के ताले की चाबी मेरी माँं है।

मेरे जिंदगी का दूसरा नाम मेरी माँ है।

 

लोगो ने कहा आज माँ का दिन है।

में कहूं तो मेरा माँ से ही दिन है।

माँ सुबह है माँ शाम है।

माँ मान है सम्मान है।


मैं वो लहर हूं,उसका सवार्ता किनारा भी मेरी माँ है।

मैं वो हवा का झोंका हूं उसका महसूस मेरी माँं है।

मैं जमीन हूं काले बादलों का इंतजार मेरी माँ है।

मैं वो काटो का फूल हूं जिसका हकदार मेरी माँ है।


जो अंधेरे मैं भी साथ ना छोड़े वो माँ है

जो बिन बोले सब समझे वो माँ है।

खुशियों की दुकान माँ है।

सुपर हीरो भी माँ है।


मैं वो पागल सा राही हूं जिसकी मंजिल मेरी माँ है।

मैं वो ही किताब हूं जिसका आखरी पन्ना मेरी माँ है।

मैं वो सुनहरी जिंदगी हूं जिसका अंत मेरी माँ है।

मैं वो खुश नसीब हूं जिसका नसीब। मेरी माँं है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational