मां का आंचल
मां का आंचल
गर्भ से लेकर धरती पर आने तक
उंगली पकड़ कर पूरी दुनियां दिखाने तक...
तेरा सफ़र यूँ ही चलता रहे मेरी हर नब्ज़ के संग संग
जीते जीते तुझे हर खुशियों का पैगाम दे जाऊँ...,,
तेरा हाथ पकड़ दुनियां को हंसते हंसते अलविदा कह जाऊँ,,
तेरी दुआओं का दामन बस अपने संग ले जाऊं....
मां तेरा आंचल मेरे सिर पर हमेशा लहराया है
तिनका तिनका जोड़ तूने मेरा अस्तित्व बनाया है...
माँ,,,
