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Viha Oza

Romance

5.0  

Viha Oza

Romance

क्यों नहीं रहे जाते तुम?

क्यों नहीं रहे जाते तुम?

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क्यों नहीं रहे जाते तुम?

सूनो ना..क्यों नहीं रहे जाते तुम?

मेरे पास..मेरे साथ..

हर घड़ी..हर दम..

रहे जाओ ना पास मेरे..

केवल मेरे जीवन साथी बन कर..


क्यों नहीं रहे जाते तुम?

मेरी आस..मेरी सांस में..

हर बार..हर आस में..

मेरा जीवन बन कर,

जीवन की धड़कन बन के..

मेरा वक्त..

मेरी सुबह शाम बन के..

बस रहे जाओ ना पास मेरे..


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