STORYMIRROR

SAROJ SETH

Inspirational

4  

SAROJ SETH

Inspirational

कोशिश

कोशिश

1 min
405

तारा वह आकाश का, जो सबका आँखों का तारा

बनूँ तो बनूँ , धृव ही बनूँ ,

अंधेरे में भी राह दिखाऊं

कोशिश हमेशा मेरा (1)


बत्ती वह सड़क किनारे 

लाल पीला और हरा 

बनूँ तो बनूँ , हरा ही बनूँ

आगे बढ़ने में मदद मैं करूँ 

कोशिश हमेशा मेरा (2)


हवा वह समंदर का, 

जाने पानी है गहरा 

बनूँ तो बनूँ , मृदुल ही बनूँ

नाव को न कभी डूबने दूं

कोशिश हमेशा मेरा (3)


पतंग वह उड़ती हवाओं में 

ले के सूत का सहारा

बनूँ तो बनूँ , शक्त धागा ही बनूँ

कोशिश हमेशा मेरा (4)


बूंद वह पानी की

प्यासे के आस से भरा

बनूँ तो बनूँ ,वही बूंद ही बनूँ

कोशिश हमेशा मेरा (5)


आकाश का तारा, सड़क की बत्ती 

पतंग, हवा और पानी 

बन के, जीवन औरों का कर सकूं आसानी 


कोशिश करने की कोशिश करूँ 

मन में निराशा कभी न भरूं

खुशी से रहें जग सारा 

कोशिश हमेशा मेरा (6)


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from SAROJ SETH

Similar hindi poem from Inspirational