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Ishwarvati Mourya

Abstract

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Ishwarvati Mourya

Abstract

कलम आज उनकी जय बोल

कलम आज उनकी जय बोल

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कलम आज उनकी जय बोल जला

अस्थियां बारी-बारी चटकाए


जिससे चिंगारी जो चल गए


पुणे बेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल

कलम आज उनकी जय बोल।


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