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Shayar Sahab

Fantasy

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Shayar Sahab

Fantasy

ख्यालात

ख्यालात

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ना चाह कर भी सब करना पड़ेगा.

मुझको समय के हिसाब से चलना पड़ेगा


बीत गया सर्दियों का मौसम

अब तो बरफ को पिघलना पड़ेगा..


कोइ देखने लगा है रस्ता मेरा

तेरी गलियों से अब निकलना पड़ेगा।


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