STORYMIRROR

Nikita Basera Creations

Abstract

1  

Nikita Basera Creations

Abstract

खामोशी

खामोशी

1 min
219

इश्क करना तो चाहते, पर कर नहीं पाते।

टूटे हुए दिल को जोड़ना तो चाहते, पर जोड़ नहीं पाते।

इस खालीपन को भरना तो चाहते, पर भर नहीं पाते।

अरे कोई तो समझे इस खामोशी को, जो समझे तो वो मिल नहीं पाते।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract