जश्न- ए -आज़ादी
जश्न- ए -आज़ादी
हर नारी को सम्मान दे पाएं,
परंपराओं की बेड़ियां तोड़वाएं,
बेटियों को सशक्त बनाएं,
अपनी सुरक्षा खुद कर पाएं,
अस्मिता पर कोई आंच न आए,
देश में खुद को सुरक्षित पाएं,
चलो पहले ऐसा माहौल बनाएं,
तब आजादी का जश्न मनाएं।
युवाओं में फिर जोश जगाएं,
जिम्मेदारी का एहसास कराएं,
बुजुर्गो को सम्मान दिलाएं,
वृद्धा आश्रम बंद करवाएं ,
बच्चों को सुरक्षित माहौल दे पाएं,
मासूमियत से खिलवाड़ बंद करवाएं,
चलो पहले अपना कर्तव्य निभाएं,
तब आजादी का जश्न मनाएं।
कातिलों को सजा दिलवाएं,
बेगुनाहों का साथ निभाएं,
अमानवीय घटनाओं पर रोक लगाएं,
मानवता का पाठ पढ़ाएं,
भ्रष्टाचार खत्म करवाएं,
ईमानदारों के साथ कदम बढ़ाएं,
जागरूक नागरिक का फ़र्ज़ निभाएं,
तब आजादी का जश्न मनाएं।
ग़रीबी और भुखमरी हटाएं,
अमीर- गरीब का फासला मिटाएं,
बेरोजगारों को रोजगार दिलाएं,
मजदूरों का शोषण बंद करवाएं,
शोषण के विरूद्ध आवाज़ उठाएं,
समान शिक्षा की व्यवस्था करवाएं,
हर घर शिक्षा की ज्योत जलाएं,
तब आजादी का जश्न मनाएं।
भेद- भाव का द्वेष मिटाएं,
नफरत की दीवार गिराएं,
राष्ट्र प्रेम की भावना जगाएं,
मातृभूमि की रक्षा कर पाएं,
बेजुबानों को भी आजाद करवाएं,
गुलामी की जंजीरें तोड़वाएं,
तब लोकतंत्र का त्योहार मनाएं,
तब शान से तिरंगा लहराएं,
चलो ऐसा भारत देश बनाएं,
तब आजादी का जश्न मनाएं।
