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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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जोगीरा छंद

जोगीरा छंद

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जोगीरा छंद रोते जिनके पिता -मातु हैं, बच्चे रहते मस्त। खुशियाँ उनकी छिन जाती हैं, भाग्य सूर्य भी अस्त।। जोगीरा सा रा रा रा रा,जोगीरा सा रा रा रा रा। हर प्राणी बेचैन यहाँ है, खोज रहा सुख चैन। फिर भी उसको चैन नहीं है, दिन हो या फिर रैन।। जोगीरा सा रा रा रा रा,जोगीरा सा रा रा रा रा। निंदा नफरत हाट सजे हैं, बिकते माल है खूब। हम भी डुबकी एक लगाएँ, चाहे जायें डूब।। जोगीरा सा रा रा रा रा,जोगीरा सा रा रा रा रा। ईश्वर की लीला पर हम क्यों, प्रश्न उठाते रोज। माने उनको जब हम दोषी, नाहक करते खोज।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। रखा शीश उसने जब मेरे, प्रेम प्यार से हाथ। गले लगा वो बोली बेटा, माँ है तेरे साथ।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। समय आज का बड़ा निराला, सोचो समझो यार। बिना वजह खानी पड़ती है, हम सबको ही मार।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। सारी दुनिया देख रही है, चचा ट्रंप के रंग। इस सनकी का नहीं ठिकाना, करे रंग में भंग।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। काहे इतना इतराते हो, जीवन है दिन चार। पानी का ये महज बुलबुला, बस इतना ही सार।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। मर्यादा को लाँघ रहे जो, करते नहीं विचार। उनसे बचकर ही रहना है, सबसे उत्तम सार।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। रिश्तों को नित मरते देखूँ, लगता जीवन भार। किससे पीड़ा आप सुनाऊँ, व्यर्थ हुए अधिकार।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। सतगुरु सतगुरु जपा करो जी, मन श्रद्धा विश्वास। और किसी से कभी आपको, रखना पड़े न आस।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। हर मुश्किल आसान बनाते, मेरे सतगुरु देव। श्रेय सभी हम सब लेते हैं, सोचे बिना स्वमेव।। जोगीरा सारा रा रा रा, जोगीरा सा रा रा रा रा। == ===== सुधीर श्रीवास्तव 


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