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Aditya Bhardwaj

Abstract

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Aditya Bhardwaj

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जिंदगी

जिंदगी

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तमन्नाओं के झूले में झूलना,

अरमानों की बारिश में भीगना,

गिरना, संभलना, उठना और सीखना,

इसी का नाम है जिंदगी


जब दिल में बेहद प्यार हो,

न सामने दीवार हो

फिर भी न तय हों फासले,

इसी का नाम है जिंदगी,


हर पग पे हों कांटे बिछे,

न दूर तक मंजिल दिखे,

हो दिल में फिर भी आरजू,

इसी का नाम है जिंदगी


मिल जाए जब अपना कोई,

खिलने लगे दिल की कली, 

बेवक्त तभी आ जाए खिजा,

इसी का नाम है जिंदगी, 


यह जिंदगी अजीब है,

अपना अपना नसीब है,

हर पग पे परखे तुझे,

उसी का नाम है जिंदगी।


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