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जीवन

जीवन

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जीवन है एक बहती धारा ना

जाने किस ओर है जाना,

खाली हाथ थे आए

और खाली हाथ है जाना।


जीवन है एक बहती धारा

क्या है खोना क्या है पाना

है किस बात रोना।

जीवन है एक बहती धारा,

क्यो करता है तेरा मेरा

एक दिन रह जाएगा खाली हाथ,

रह जाएगा बस नाम है तेरा जैसा है काम


तेरा जीवन है एक बहती धारा,

जग है तेरा एक रैन बसेरा

ना जाने कब उठ जयेगा डेरा,

जो है पया एक दिन खो जाएगा

मुट्ठी बांधे आया था मुट्ठी खोले जाएगा


जीवन के इन लम्हों को खुल के जीले यारा

ना जाने जीवन कब अएगा दोबारा,

दुख सुख है जीवन के साथी जैसे दिया और बाती,

कैसी है ये धन कि मया जो पलटे तेरी काया,


पर कुछ भी काम ना आएगा जब लेने यम आएगा,

सब का सब यही रह जाऐगा

फिर पछता के क्या पाऐगा

जीवन है एक बहती धारा।


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