जीवन के पल
जीवन के पल
ऊँचा उड़ना सिखाया माँ की पलको नें,
कठिन रास्तो पर लड़ना सिखाया,
पापा की हर छोटी सी डाट नें,
यही जीवन के कुछ पल...
भूलना मत कभी उन यादों को,
जो सहेजकर रखा करते लोग,
अपने अपनो की तलाश में,
यही जीवन के कुछ पल...
आंधी- तूफ़ानो से लड़ना मत,
यह ही जीवन के अनमोल सितारे,
गगन -अंबर की तलाश में,
जीने मरने के कुछ अनमोल किनारे,
यही जीवन के कुछ पल...
अपनो से अलग हो जाते लोग,
कहकर अपने हैं वो,
अपनो को ही इस तरह चोट देते हैं,
जैसे लोग पराये है वो,
यही जीवन के कुछ पल...
उन माँ-बाप का कर्ज कभी भूलना मत,
जिन्होनें प्यार दिया,
जिन्द़गी की हर साँस तक,
यही जीवन के कुछ पल...
उन बारिशों की मौसम में,
फूल खिलते है हर रोज,
हँसना - रोना चलता रहेगा,
पर पर्यावरण से सिखना कुछ,
यही जीवन के कुछ पल...
जीवन सबसे अनमोल हैं ,
सुख दु:ख से भरपूर ,
मन के द्वार से खुशियों में झूम-झूम,
यही जीवन के कुछ पल...
सब जगह अँधेरा ही अँधेरा हैं,
फिर भी रौशनी की उम्मीद़ हैं,
जलते हुए दिया की तरह,
अब भी हर जगह उजाले की उम्मीद़ हैं,
यही जीवन के कुछ पल...
जिंदगी से हँसना सीखिए,
रोता तो पूरा ज़माना हैं,
फूलो - पत्तो की तरह,
लहराना है हमको भी,
यही जीवन के कुछ पल...
जीवन के कुछ पन्नों में,
नये जीवन के तलाश में
देर लगगी पर तू रूकना मत,
यही जीवन के कुछ पल,
अपने इन बातो सें,
नये उमंग की राहो मे निकलना तूम,
चांदर ओडे सिकडना मत,
इन ठंडी हवाओं में..
यही जीवन के कुछ पल...
हवाओ की शाम में,
लहरना है इस तरह,
फूलों की खूशबू हो हर जगह,
यही जीवन के कुछ पल,
नदी नाले कहते हे,
हमको भी नहलाओ कभी,
तूम सब यही से पानी पीते हो,
उन की और भी ध्यान दो तूम,
जिनसे हमारी जिन्द़गी चलती हैं,
यही जीवन के कुछ पल...
फिर जलपान करना तूम,
नये डगर की राह में,
उच्चे इमारते, उच्चे लोग,
बिकते है समाज में,
यही जीवन के कुछ पल...
उन लोगों के बारे में सोचो,
जिनके घर है मिट्टी के,
यही है आनंद,
जीवन के कुछ पल,
यही जीवन के कुछ पल...
