STORYMIRROR

Hitesh Rathod

Inspirational

2  

Hitesh Rathod

Inspirational

ज़िद

ज़िद

1 min
203

साहिल पे कब तक यूं बैठे रहेंगे,

चलो ज़िद करते है कूद जाने की,


कश्ती को तो पार लगना ही है,

गर ज़िद हो भीड़ जाने की,


आदतों का मेरी गिला ना करे,

वो ज़िद पे है अब बिगड़ने की,


ये हौसला कभी हारता नहीं,

गर ज़िद हो जिंदा रहने की।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational