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Sudhir Srivastava

Comedy

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Sudhir Srivastava

Comedy

हमशक्ल

हमशक्ल

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अभी अभी एक साया मेरे पास आया

अपने साथ चलने का फरमान सुनाया,

मैंने पूछा तुम कौन हो भाया ?

उसने तीसरी दुनिया का नाम बताया

मैं भी अकड़ गया

खुद को बड़ा सयाना समझता है


मेरे यार की जगह तुम कब नियुक्त हो गया

साया हड़बड़ाया कौन यार किसका यार?

अच्छा बच्चू अब समझ में आया

तू मेरे यार का हमशक्ल बनकर आया,

तू ठहर मैं अपने यार को बुलाता हूं

उससे पूछता हूं फिर तेरे साथ चलता हूं।


फिर भी मैं यूं ही नहीं जाऊंगा

बिना स्थानांतरण पत्र देखे

मैं तेरी बात पर विश्वास नहीं कर पाऊंगा,

पहले अपनी फाइल दुरुस्त करुंगा,

बड़ी मैडम से रिलीविंग आर्डर लेकर ही

तेरे साथ चल पाऊंगा।


क्या पता कल तू मुकर जाय

या किसी लालच में बिक जाय 

और फिर से मुझे लेने आ जाय,

विश्वास की आड़ में गच्चा दे जाय।


यह सुनकर साया घबड़ा गया

सोचने लगा मेरा तो दांव उल्टा पड़ गया,

तब तक मेरा यार आ गया

उसे देख साया दुम दबाकर भाग गया।


मैंने उसे पूरा हाल कह सुनाया

मेरा यार माथा पीटकर बैठ गया,

अब उसका भी हमशक्ल धरती पर आ गया

अच्छा हुआ प्रभु मैं समय पर आ गया,

और बड़ी बदनामी से भी बच गया। 


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