STORYMIRROR

Anushree Srivastava

Inspirational

3  

Anushree Srivastava

Inspirational

हिंदी

हिंदी

1 min
253

हिंदी…..

हिंदुस्तान का गौरव,

हर भारतवासी का सम्मान।

शब्दों का ऐसा भंडार,

जहां जज्बात – ही – जज्बात।

जिसके भी होंठों पर आये,

तीर चलायें या दिलों को मिलाये।

हिंदी जो महसूस कराये,

किसी और भाषा में हम कभी न पाये।

हिंदी लगे मुझे माँ की गोदी,

जहां सुकून मिलें, सुकून पले।

हिंदी मेरे माथे की बिंदी …

जो ‘अ‘ से ‘अनपढ़‘ से शुरु हो कर,

‘ज्ञ‘ से ‘ज्ञानी‘ तक का सफ़र करायें।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational