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Naval Sharma

Abstract Romance

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Naval Sharma

Abstract Romance

गर्मियाँ! विरह और संयोग का संग

गर्मियाँ! विरह और संयोग का संग

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गर्मियों में आती है पतझड़।

जो पेड़ों से उनकी प्रियतमा पत्त्तियों को झाड़ देती है।


गर्मियों से पेड़ो के हृदय में उत्पन्न होता है एक रुदन 

जो पेड़ और पत्त्तियों के बिछड़ने का प्रतीक होता है।

गर्मियाँ अच्छी भी है।


गर्मियों से पेड़ो में उत्पन्न होता है 

एक उत्साह।

अपनी नवीन प्रियतमाओं से मिलने का।


गर्मियां प्रतीक है विरह और संयोग का।

गर्मियां प्रतीक है विनाश और सृजन का।


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