फ़ौजी का संसार लिखेंगे
फ़ौजी का संसार लिखेंगे
हम फौजी थे, हम फौजी हैं, हम फ़ौजी का संसार लिखेंगे।
भारत माँ के रणवीरों की, वीरता का गुणगान लिखेंगे,
सरहद पर प्राण लुटाए जिसने, उन वीरों को सलाम लिखेंगे।
यार दोस्त सब छोड़ा जिसने, बचपन में घर छोड़ा जिसने,
कॉलेज के दिन छोड़े जिसने, खेल-कूद सब छोड़ा जिसने,
उन यारों का, उन लोगों का, सच्चे मन से आभार लिखेंगे,
हम फौजी थे, हम फौजी हैं, हम फ़ौजी का संसार लिखेंगे.....
हिमगिरि के ठंडे मौसम से, जिसने लड़ना जाना,
नभ में पंख पसारे जिसने, और नभ की प्रभुता जाना,
सागर की गहराई देखा, उसकी लहरों से खेला,
निशिदिन प्रहरी बनकर जिसने, भारत की सीमा जाना,
ऐसे वीर सपूतों के प्रति, ऐसे वीर शहीदों को हम, बारंबार प्रणाम लिखेंगे,
हम फौजी थे, हम फौजी हैं, हम फ़ौजी का संसार लिखेंगे।
जितना वह दिखता कठोर है, उतना मन से कोमल है।
सब रिश्तों को जोड़े दिल से, निश्छल है, कोमल मन है।
देश के दुश्मन का दुश्मन है, देश के खातिर जीता है,
धरम, जाति का भेद न करता, भारत माँ का बेटा है॥
उसके मन में बसने वाला, प्रेम भाव शृंगार लिखेंगे,
देश प्रेम हित उठने वाले वीरों का उत्साह लिखेंगे॥
हम फौजी थे, हम फौजी हैं, हम फ़ौजी का संसार लिखेंगे।
हम फौजी थे, हम फौजी हैं, हम फ़ौजी का संसार लिखेंगे.........
