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Harshit Goyal

Abstract

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Harshit Goyal

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एक जिंदगी ऐसी

एक जिंदगी ऐसी

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एक मुस्कुराहट ज़िंदगी मे ऐसी हो

जिससे देख कर हर एक गम मिट जाए


एक दोस्ती ज़िंदगी में ऐसी हो

जो खुद खुदा भी ना तोड़ पाए


एक हौसला मिले कुछ ऐसा हमें

की मुसीबत भी खुद ही झुक जाए


एक आशिक़ मिले ऐसा हमें

के आशिक़ी भी कम पड़ जाए


एक सुकून भी जो मिल गया अगर

तो कह लेंगे खुद को खुशनसीब


एक मौत ऐसी मिले हमें

कि हर कोई हम जैसे जी कर मरना चाहे।


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