डर
डर
कभी लोगों का डर सताता
कभी समाज का डर सताता
कभी किसी को खोने का दर्द डर सताता
कभी किसी के करीब जाने से दिल घबराता
कभी किसी से जुदा होने का डर सताता
डर हर पल हमें आजमाता
डर हर काम में बाधा डालता
पर जो डरता नहीं
वही जीवन में विजय पाता।
