बचपन
बचपन
बचपन हम सब के जीवन का सबसे खूबसूरत समय है
हमारे जीवन रूपी पेड़ के लिए नीव है बचपन
सबको याद है वह समय जब ना खाने की फिकर थी ना पढ़ाई की टेंशन
उस समय होती थी सिर्फ दोस्तों की गेंद गुम हो जाने की टेंशन सबको याद आता है घर घर खेलना
याद आता है वह कोई जिद पूरी ना होने पर जमीन पर लेटना
दो रूपये मिल जाने पर पड़ोस वाले अंकल की दुकान पर जाना
फिर दो चाकलेट को आठ दोस्तों के साथ मिलकर खाना
स्कूल ना जाने के लिए पेट दर्द का बहाना कर जोर से रोना
स्कूल का समय निकल जाने पर तबीयत अचानक से ठीक हो ना
नानी के घर जाने के लिए छुट्टियों का इंतजार करना
वहाँ जाने के बाद नानी का लाड करना
पहले स्मार्टफोन नहीं थे लोग मिल जुल कर रहते थे
साधन नहीं थे फिर भी लोग खुश रहते थे
चुपके से पड़ोस के खेत से आम तोड़कर खाना
फिर मालिक के आते ही वहां से नौ दो ग्यारह हो जाना
वह नींबू पानी अष्ट चंग पो और छुपन छुपाई बहुत याद आता है
हमारे जीवन का सबसे हसीन मोड़ बहुत याद आता है।
