STORYMIRROR

Sanjana Porwal

Others

3  

Sanjana Porwal

Others

बचपन

बचपन

1 min
321

बचपन हम सब के जीवन का सबसे खूबसूरत समय है

हमारे जीवन रूपी पेड़ के लिए नीव है बचपन 

सबको याद है वह समय जब ना खाने की फिकर थी ना पढ़ाई की टेंशन

उस समय होती थी सिर्फ दोस्तों की गेंद गुम हो जाने की टेंशन सबको याद आता है घर घर खेलना

याद आता है वह कोई जिद पूरी ना होने पर जमीन पर लेटना

दो रूपये मिल जाने पर पड़ोस वाले अंकल की दुकान पर जाना 

फिर दो चाकलेट को आठ दोस्तों के साथ मिलकर खाना

स्कूल ना जाने के लिए पेट दर्द का बहाना कर जोर से रोना

स्कूल का समय निकल जाने पर तबीयत अचानक से ठीक हो ना

नानी के घर जाने के लिए छुट्टियों का इंतजार करना 

वहाँ जाने के बाद नानी का लाड करना

पहले स्मार्टफोन नहीं थे लोग मिल जुल कर रहते थे

साधन नहीं थे फिर भी लोग खुश रहते थे

चुपके से पड़ोस के खेत से आम तोड़कर खाना

फिर मालिक के आते ही वहां से नौ दो ग्यारह हो जाना

वह नींबू पानी अष्ट चंग पो और छुपन छुपाई बहुत याद आता है

हमारे जीवन का सबसे हसीन मोड़ बहुत याद आता है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन