दान
दान
हृदय में विनम्रता और सौहार्दता का भाव जगाइए
मुक्त मन से अकिंचित को बहुमूल्य कुछ दान कर आइये।।
विधाता के निकट पहुँचने का अवसर कदापि न गँवाइये
मुस्कुराहट के साथ नि:स्वार्थ चित्त से गुप्तदान कर आइये।
आशा की ज्योति जलाकर निराशा के घिरे बादल हटाइये
मददगार बन जरूरतमंद का आँगन दीप्तिमान कर आइये।।
