छोड़ गया इस दुनिया को
छोड़ गया इस दुनिया को
वो यूँ हमें छोड़कर जाना तो नहीं चाहता था
पर कोई यहाँ उसकी सुनना भी नहीं चाहता था
बहुत बार कोशिश की ख़ुद की ज़िंदगी बताने की उसने
पर बेवजह (बिना इजाज़त) कोई सुनना भी नहीं चाहता था।
यूँ तो बहुत सारे दोस्त है उसके भी फ़ेस्बुक इन्स्टग्रैम पर
पर किसी ने उसकी शक्ल(बातों) पे ग़ौर नहीं किया
बहुत मरतबा बोलना चाहा उसने दोस्तों को
पर सब फ़ेस्बुक इन्स्टग्रैम पे नज़रें
गड़ाए बैठें ,उसपे किसी ने ध्यान नहीं दिया ।
बहुत मरतबा बोलना चाहा माँ से भी
और कई दफ़ा समझाना चाहा पापा को भी
शान्त चेहरा देख माँ ने रोटी का
पूछ ली ओर बाप ने तबियत।
बेबुनियाद कोहराम भरा हुआ था उसके अंदर
भैया दीदी कभी तुम मेरी भी तो सुन लो
जब छोड़ गया इस दुनिया में सबको
तो सबने उसके लिए पोस्ट कर दिया
I मिस यू इ लव यू भाई तू लौट आ
पर जब ज़िंदा था तो किसी ने यह नहीं पूछा
तू ख़ुश है ना मेरे भाई ?
जनाज़े के लिए भी दोस्तों रिश्तेदारों ने पोस्ट किया
फिर क्या वो फ़ेस्बुक ,इन्स्टग्रैम या अख़बार
मैंने यूँ आज की दुनिया में दोस्ती का जनजा भी देख लिया
तो मैंने यूँ इसी बहाने रिश्तों की ग्यारहवी और तेरहवीं भी देख ली।
