STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract

3  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract

चेहरा आइना है

चेहरा आइना है

1 min
347

चेहरा

आइना

है,

अगर 

चेहरा

बहुत

मायूस

है तो

वो

भीतर

से

बहुत हीं

उदास है,

अगर

चेहरा

खिला

है तो

अंदर से

बेहद

खुशी है,

चेहरा

मुरझाया

है तो

भीतर

टेंशन

प्रबल है,

चेहरे पर

हंसी

है तो

भीतर

मस्ती ही

मस्ती है.



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract