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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract

चेहरा आइना है

चेहरा आइना है

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चेहरा

आइना

है,

अगर 

चेहरा

बहुत

मायूस

है तो

वो

भीतर

से

बहुत हीं

उदास है,

अगर

चेहरा

खिला

है तो

अंदर से

बेहद

खुशी है,

चेहरा

मुरझाया

है तो

भीतर

टेंशन

प्रबल है,

चेहरे पर

हंसी

है तो

भीतर

मस्ती ही

मस्ती है.



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