STORYMIRROR

Venkateshwaran Krishnan

Abstract

4  

Venkateshwaran Krishnan

Abstract

भीड़

भीड़

1 min
221

तौबा ये मुंबई की भीड़ 

ट्रेनों बसों मेट्रो में भीड़

बाज़ार स्कूल कॉलेज में भीड़

रास्तों पगडंडियों में भीड़


समुन्दर किनारे मोहोब्बत के लिए भीड़

झोपड़ियों में इंसानों की भीड़

मैदानों में इमारतों की भीड़

कब्रिस्तान में जनाजों की भीड़


दूरदर्शन पर इश्तियारों की भीड़

ढाबे में रोटी के वास्ते भीड़

कोर्ट कचेरी में मुवक्किलों की भीड़

चार्जर के लिए मोबाइलों की भीड़


एक बीमारी से थमी ये रोज़ की भीड़

महीने बाद बांद्रा में फिर भीड़

पक्ष वालों ने कहा मज़हब की भीड़

रेलवे वालों ने टिकट की भीड़


पुलिस ने फरमाया पथराव वाली भीड़

समाज सेवक ने दोहराया भूक वाली भीड़

गोदी मीडिया ने की टी आर पी की भीड़

सियासत खेलने विपक्ष की भीड़


जनता के मन में सवालों की भीड़ !

जनता के मन में सवालों की भीड़ !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Venkateshwaran Krishnan

Similar hindi poem from Abstract