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Ram Prawesh Pandit

Inspirational

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Ram Prawesh Pandit

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भारत के वीर

भारत के वीर

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समर वीर से शोभे सीमा, 

बनाया माटी को चंदन है।

हे सैनिक! वीर नमन है, 

नमन रणधीर नमन है।।


है नमन उस जननी को, 

जिनने जने हैं अमरलाल।

काल जहां नतमस्तक है,

प्रमुदित है वह महाकाल।

जिसने समर में कर दिया, 

समर्पित निज यौवन है। 

हे सैनिक! वीर नमन है।।


ममता की गोद हुई सुनी,

राखी का बंधन टूट गया। 

प्रिया से रूठ गए प्रियतम,

लाली सिंदूर का लूटगया।

मांभारतीअपलकनिहारती,

जब तिरंगे से लिपटा तनहै।

हे सैनिक! वीर नमन है।।


सदाकाल चक्र को रौंदकर, 

परमवीर चक्र पाने वाले। 

अशोक शौर्यमहावीरचक्र ले,

वंदे  मातरम गाने  वाले।

वीरचक्र की जीवित निशानी,

विंग कमांडर अभिनंदन है

हे सैनिक ! वीर नमन है।


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