STORYMIRROR

Abhinandan Shaan

Inspirational

4  

Abhinandan Shaan

Inspirational

भारत के वीर

भारत के वीर

1 min
477

है सुरक्षित भारत देश हमारा

है खड़ा कर जीवन अर्पित वीर हमारा

है दूश्मन ताक पर कब्जा करने भू हमारा

कर नौछावर प्राण की अपनी

गौरव बढाई मातृभूमि की अपनी

कर छल था वार किया निहत्थे वीर पर

उनकी शौर्य वीर की है यह गाथा

एक ने दस दस को है मारा सुलाया

निहत्थे थे खड़े रहे चट्टानों सा

रिस्ता रहा खून सीने से 

पड़ने दिया नहीं अपवित्र पैर

भारत मां के आँचल पर

छूपकर घात,ले जनता की आर

करें देश में जब आतंकी वार

आतंकी दैत्यों का उतारे मौत की घात 

दे प्राण अपनी बचाये मासूम जान

मरूस्थल की ताप बार्फिले की भाप

क्या आँधि क्या तूफान

डटे खड़े रहते हैं दिन रात

सोते है हम तुम चैन की नींद

होते खड़े शरहद पर वीर जवान

त्याग अपने शौख सुकून 

मन तृप्त हो जाती हैं

उनके वीर कथाओं से

गौरवंवित हो जाता हूँ

उनके धैर्य बलिदानों की

हर दिन लोह ले जीने वाले

हे मातृभूमि के वीर पूत्र 

करता हूँ मैं वंदन अभिनन्दन!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational