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Aradhy Kumar Arya

Abstract

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Aradhy Kumar Arya

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अन्धेरा काला, घनघोर अन्धेरा

अन्धेरा काला, घनघोर अन्धेरा

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अन्धेरा काला, घनघोर अन्धेरा

क्या यह कोई दानव है ?

जो निगल लेता है परछाई भी। 

अन्धेरा काला, घनघोर अन्धेरा ।। 

क्या यह मानव का दुश्मन है? 

जो कर देता तन्हा जीने का बेबस । 

आदमी को बना देता है राक्षस 

अन्धेरा काला, घनघोर अन्धेरा।। 

क्या यह अपशकुन है ? 

जो प्रतीक है अज्ञानता-पस्त हौंसलों का 

जो घर है अंधविश्वास - ढकोसलों का 

अन्धेरा काला, घनघोर अन्धेरा । 

यह दानव नहीं देवता है। 

यह सिखाता है अकेला रहना 

यह दुश्मन नही दोस्त है। 

जो सिखाता है परेशानियों से लडना 

यह अपशगुन नही शगुन है

यह सूचक है उजालों का

अन्धेरा का काला, घनघोर अन्धेरा।।


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