anuradha nazeer
Inspirational
जब आप अपनी कमजोरी जानते हैं
तो आप मजबूत होते हैं,
जब आप अपनी खामियों
को जानते हैं तो आप सुंदर होते हैं।
कोई
इन चीजों को र...
ज़िन्दगी का क...
प्यार दो
मूल्यवान
जीत
अपने काम से प...
सफलता
प्यार प्यार प...
प्यार की प्या...
रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर. रोग वाली बदलियाँ छट जाएंगी बस योग कर तितलियां उत्साह की मंडराएंगी बस योग कर.
चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या? चेहरा क्यों लटका रखा है किसी ने धोखा दिया क्या?
निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा है। निजी ज़िन्दगी से लेकर सामाजिक ज़िन्दगी तक , हर नयी दिशा के साथ 'बवाल ' मचना जुड़ा...
भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्रणाम है। भले वीर की देह पूरी हुई लहूलुहान है हे वीर तुम्हारी वीरता को मेरा हृदय से प्र...
लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं! लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं!
जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी जिद कर और पूरी क जिद ही है जिन्दगी जिन्दगी के मायने तो अभी से क्यूँ नहीं चल काशवी ज...
यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है. यह युद्ध किसी समस्या का अंत नहीं होता मानवता यही पुकारती है.
सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी। सुर्ख जहाँ केवल रक्त नहीं,भूमि भी जहाँ की लाल हुई थी।
उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर। उसकी एक अलग ही खुशी मिलती है जहाँ पर मैंने अपनी रचनाएँ लिखी स्टोरिमिरर पर।
मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा। मन में है विश्वास पूरा है विश्वास यह जुनून सिर चढ़ बोलेगा।
तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो। तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो।
कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I
जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब मेरे विद्रोह के ज्वाल... जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब म...
तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान। तुझसे ही तो प्रेरणा पाता है समाज, ज़िंदा है ज़िन्दगी, हे मज़दूर महान।
कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है. कहने को आज राखी से सजी थाली है पर वक़्त आजकल एहसासों से खाली है.
सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा । सबसे सच्ची प्रीति लिखूंगा माँ पर कोई गीत लिखूंगा ।
ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रोई होगी। ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रो...
मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं। मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं।
माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना । माना मनुष्य है पृथ्वी पर ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना ।
उन लम्हों की बात न छेड़ो पीर बहुत बढ़ जाती है । उन लम्हों की बात न छेड़ो पीर बहुत बढ़ जाती है ।