आकाश हमारी रचनात्मकता की सीमा नहीं, वास्तव में ये केवल शुरुआत है।
आकाश हमारी रचनात्मकता की सीमा नहीं, वास्तव में ये केवल शुरुआत है।
आविष्कारों ने पानी में लोहे को तैरा दिया,
उसने दुनिया भर के लोगों को चुटकी में जोड़ दिया,
जो कहते थे हम उड़ नहीं सकते, उनके दिमाग को आविष्कारों ने उड़ा दिया,
यही है नवप्रवर्तन की शक्ति, यही है नवप्रवर्तन की शक्ति।
जो लोगों के सपने थे, वो आज सच बन चुके हैं,
कुछ आविष्कारों ने अंधकार में दीये का काम किया, और कुछ ने हमारी जिंदगी सवार दी।
यही है नवप्रवर्तन की शक्ति, यही है नवप्रवर्तन की शक्ति।
हम विद्यालय में नवीन चीजे बना रहे हैं, हम अपनी रचनामक्ता को खिलने दे रहे हैं,
हम भी ऐसी चीजे बनाएंगे जो दुनिया को आश्चर्यचकित कर दे,
हम लोगों को दिखाएंगे कि जब तीतली ककून से बाहर निकलती है तो वह कितनी सुंदर हो सकती है।
यही है नवप्रवर्तन की शक्ति, यही है नवप्रवर्तन की शक्ति।
हम सब कुछ न कुछ बना रहे हैं, किसी न किसी की समस्या सुलझा रहे हैं,
चाहे वह शिल्पकारी हो या विज्ञान, यही है हमारे ताकतवर दिमाग का कमाल।
यही है नवप्रवर्तन की शक्ति, यही है नवप्रवर्तन की शक्ति।
हम अपने विचारों को चमकाएंगे, दुनिया में रोशनी बरसाएंगे।
किसी ने कहा है, "रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं है, यही है शुरुआत इसकी”।
यही है नवप्रवर्तन की शक्ति, यही है नवप्रवर्तन की शक्ति।
