The Stamp Paper Scam, Real Story by Jayant Tinaikar, on Telgi's takedown & unveiling the scam of ₹30,000 Cr. READ NOW
The Stamp Paper Scam, Real Story by Jayant Tinaikar, on Telgi's takedown & unveiling the scam of ₹30,000 Cr. READ NOW

आज तक अपने लिए ही जिए है

आज तक अपने लिए ही जिए है

1 min
349


आज हम है ज़मीन पर लेकिन 

एक दिन कुछ बनके दिखाना है 

गरीब का बच्चा गरीब रहेगा 

ये अंध विश्वास मिटाना है। 


अब तो ये ज़िद है हमारी खुद से 

औरों से ज्यादा पैसा कमाना है 

कल कुछ बनने के लिए इस जहां में 

आज अपना सुख चैन गंवाना है। 


आज तक अपने लिए ही जिए है 

अब कुछ दूसरों के लिए

करके दिखाना है 


हम कर भी क्या सकते हैं 

ये पर्दा लोगो की आँखों से गिराना है 

"हमारे पास वक़्त नहीं है"

ये कहने वाले लोगों को 

दूसरों के लिए वक़्त निकालना सीखाना है। 


गरीबों की परेशानिओं को बाजार में 

खुलेआम हमें बिकवाना है 

रिश्ता ये एहसास का 

अब हमे सबके साथ निभाना है। 


आज तक अपने लिए ही जिए है 

अब कुछ दूसरों के लिए

करके दिखाना है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics