आगाज
आगाज
कर आगाज मन को यूँ ना हारो तुम
कर हौसलों को बुलंद मन में ठानो तुम
आएगी राह में मुश्किलें बड़ी -बड़ी
पर होगा वही जो दिल से चाहो तुम
मंजिल मिल ही जाएगी कभी ना कभी
उम्मीद दामन का बस थामों तुम
सपनों को रख मन में हरपल जिंदा,
कर पूरा करने की जिद्द पाओ तुम
भविष्य की चिंता में पड़कर ना कभी
अपने वर्तमान को खराब बनाओ तुम।
