Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
मां! तुम हो तो जग है
मां! तुम हो तो जग है
★★★★★

© Rajan Kumar

Children Inspirational

1 Minutes   1.2K    7


Content Ranking

जैसे नदी अपने उद्गम से

सागर तक

अपनी धुन में बहती हो

जाने कितने जन को जीवन देती हो,

जैसे पूरब से निकली धूप      

सभी दिशाओं तक जाती हो      

पेड़,पौधों से गले मिलती हो      

खेतों में फसलें रचती हो,

जैसे चंचल वायु

धरती से गगन तक  

अबाध गति से चलती हो          

हर प्राणी में प्राण प्रतिष्ठा करती हो,

ऐसे तुम जीवन रचती हो

रूखे-सूखे निवालों में                

लाड़, दुलार,ममता भरती हो,    

करुणा का सागर झरती हो,      

तपस्विनी हो मां!

तुम संपूर्ण जीवन दायिनी हो,            

मां !तुम हो,तो जग है,हम हैं |

#माँ

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..