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sneha menezes

Abstract

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sneha menezes

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सलाम जिंदगी

सलाम जिंदगी

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हँसी ख़ुशी चल रही थी जिंदगी,

शायद किसी की नज़र लग गयी I


चलते चलते नजाने ये कैसी ठोकर लग गयी,

अचानक से दुनिया मानों थम सी गयी I


हर मोड़ पे नयी एक चाल चली,

मानों जिंदगी हमसे इम्तिहान ले रही I


साथ हो सबका तो किसकी है कमी,

हँस हँस के सह लेंगे ये दुःख की घड़ी I


न कभी डरे थे, न डरेंगे,

आंधी तूफ़ान से लढ़े इससे भी लड़ेंगे I


अभिनंदन सभी पुलिस, डॉक्टर्स, नरसेस को,

अभिनंदन हमारे सभी सरकारी अफसरों को I


आप मे ईशवर, मसीह, रब मिला,

आप से जिंदगी जीने का जुनून मिला I


आप से ही जिंदगी जीने का जुनून मिला।


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